एक मधुर संवेदना भरमा गयी लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप सितंबर 03, 2021 एक मधुर संवेदना भरमा गयी याद फिर अपने वतन की आ गयी वक़्त की स्याही क़लम की श्वांस भर जिंदगी की आरती लिखवा गयी। कवि विजय प्रेमी और पढ़ें